फसल अवशेष जलाने पर सम्बन्धित पर होगी कार्यवाही तथा लगेगा जुर्माना

 


फसल अवशेष जलाने पर सम्बन्धित पर होगी कार्यवाही तथा लगेगा जुर्माना


फसलों के अवशेष जलाने से उत्पन्न होने वाले प्रदूषण की रोकथाम के लिए फसल अवशेष प्रबन्धन आवश्यक है। राष्ट्रीय हरित न्ययाधिकरण (NGT) द्वारा भी प्रदूषण के रोकथाम हेतु फसल अवशेष प्रबन्धन के निर्देश दिया गया है जिसके क्रम में अधोहस्ताक्षरी द्वारा मण्डल के जनपदों में कृषको को जागरूक करते हुए फसल अवशेष न जलाये जाने का सुझाव दिया गया है। फसल अवशेष जलाये जाने से मिट्टी जलवायु एवं मानव स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है जिससे मिट्टी की उर्वरता कम हो जाती है तथा पर्यावरण भी दूषित होता है। फसल अवशेष जलाने से खेत के मिट्टी में रहने वाले लाभदायक सूक्ष्मजीव नष्ट हो जाते है जो मृदा की उर्वरता शक्ति बढ़ाने में सहयोगी होते हैं।


मृदा की उर्वरता बनाए रखने एवं पर्यावरण में प्रदूषण को कम करने के लिए फसल अवशेष प्रबन्धन अतिआवश्यक है फसल अवशेष को मृदा में सड़ाकर उर्वरा शक्ति बढ़ाने हेतु कृषि विभाग से 50 से 80 प्रतिशत तक अनुदान पर उपलब्ध कृषि यंत्र यथा- सुपर सीडर, मल्चर, पैड़ी स्ट्रा चापर, श्रब मास्टर, रोटरी स्लेशर, रिवर्सिबुल एम.बी. प्लाऊ, स्ट्रा रेक व बेलर आदि यंत्रों के प्रयोग से फसल अवशेष प्रबन्धन किया जा सकता है।


कम्बाइन हार्वेस्टर के साथ अनिवार्य रूप से सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट (एस.एम.एस.) का प्रयोग किया जाय। कम्बाइन हार्वेस्टर के संचालक की जिम्मेदारी होगी कि फसल कटाई के साथ फसल अवशेष प्रबन्धन के यंत्रों का प्रयोग करे, अन्यथा कम्बाइन हार्वेस्टर को जब्त कर स्वामी के विरूद्ध नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जायेगी। आपदा प्रबन्धन अधिनियम के दृष्टिगत कम्बाइन मशीन के साथ भूसा बनाने वाली मशीन स्ट्रा रीपर का प्रयोग अभी न किया जाय।


जनपद स्तर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व की अध्यक्षता में एक सेल स्थापित करने एवं उप जिलाधिकारी के प्रवर्तन में गठित सचल दस्ते का दायित्व निर्धारण कर फसल अवशेष आदि जलने की घटना की सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचकर सम्बन्धित के विरूद्ध विधिक कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट से आदेश निर्गत कराया जायेगा।


फसल अवशेष जलाए जाने की घटना पाए जाने पर शासनादेश संख्या-1618/ एक-9-2017-रा-9 दिनाँक 13 नवम्बर, 2017 द्वारा राजस्व विभाग द्वारा आर्थिक दण्ड लगाये जाने का प्राविधान किया गया है जिसमें दोषी कृषकों से वसूली यथा- 02 एकड से कम क्षेत्र के लिए रू0-2500/-, 02 से 05 एकडु के लिए रु0-5000/- तथा 05 एकड़ से अधिक के लिए रू0-15000/- तक पर्यावरण कम्पन्सेशन की वसूली एवं पुनरावृत्ति होने पर एफ.आई.आर आदि अन्य कार्यवाही की जायेगी।

उक्ति जानकारी

 (ए०सी० तिवारी) संयुक्त कृषि निदेशक बस्ती मण्डल बस्ती ने


प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी ।